देहरादून:- उत्तराखंड सरकार के निर्देशानुसार, खाद्य आपूर्ति विभाग ने राज्य में राशन वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने के लिए “अपात्र पहचान और कार्ड समर्पण” अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानकों के विपरीत राशन कार्ड रखने वाले व्यक्ति 9 मार्च, 2026 तक अपने कार्ड संबंधित कार्यालय में सरेंडर कर दें।
इसके बाद भी अपात्र राशन कार्ड धारक राशन लेते हैं तो इनसे बाजार दर से राशन की कीमत वसूली जाएगी। साथ ही विभाग ने मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी भी दी है। खाद्य आपूर्ति विभाग राशन कार्ड धारकों का बॉयोमेट्रिक मिलान करने के साथ ही ऑनलाइन सत्यापन भी करवा रहा है। देहरादून, नैनीताल, उधमसिंहनगर, हरिद्वार जैसे जिलों में आयकर भरने वालों तक के राशन कार्ड बने होने के मामले सामने आए हैं। राज्यभर में ऐसे 12 हजार लोगों के राशनकार्ड निरस्तकिए जा चुके हैं, जिनकी आय निर्धारित सीमा से कहीं अधिक है। मुख्यालय की ओर से सभी जिलों को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। इसमें जिन लोगों की निर्धारित सीमा से अधिक आय है, वह अपना राशन कार्ड नौ मार्च तक विभाग में सरेंडर कर सकते हैं।
सात मार्च तक राशन कार्ड से जुड़े काम नहीं होंगे
सरकारी राशन की निगरानी को लेकर यूनिफाइड राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम बनाया जा रहा है। इसके लिए राज्य के सभी राशन कार्डधारकों को ब्यौरा नए पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। आयुक्त रुचि मोहन रयाल ने बताया कि सात मार्च तक अपग्रेड की कार्यवाही के चलते कोई भी काम नहीं हो पाएंगे।
जनवरी और फरवरी का राशन मार्च में भी ले पाएंगे
जनवरी और फरवरी का सरकारी राशन मार्च में भी ले पाएंगे। राज्य के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने राशन लेने की तिथि बढ़ा दी है। खाद्य आपूर्ति विभाग के अपर आयुक्त पीएस पांगती ने बताया कि राशन कार्डधारक जनवरी माह का राशन 15 मार्च तक ले पाएंगे। उन्होंने कहा कि इसी तरह फरवरी महीने का सरकारी राशन 31 मार्च तक मिलेगा।
