दुर्गम पाडर घाटी तक पहुँची स्वास्थ्य की रोशनी,  हंस फाउंडेशन के 10 दिवसीय स्वास्थ्य एवं नेत्र चिकित्सा अभियान।

उत्तराखंड देहरादून ब्रेकिंग न्यूज

जहाँ सड़कें थम जाती हैं, वहाँ भी पहुँची हंस फाउंडेशन स्वास्थ्य सेवा की नई उम्मीद

दुर्गम पाडर घाटी तक पहुँची स्वास्थ्य की रोशनी,  हंस फाउंडेशन के 10 दिवसीय स्वास्थ्य एवं नेत्र चिकित्सा अभियान।

द हंस फाउंडेशन के 10 दिवसीय दृष्टि आई केयर मिशन एवं जनरल हेल्थ कैंप से जम्मू-कश्मीर की दुर्गम पाडर घाटी के 125 गाँवों तक पहुँची निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ

 

किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले की अत्यंत दुर्गम एवं प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पाडर घाटी में द हंस फाउंडेशन द्वारा 7 से 16 जुलाई 2026 तक “दृष्टि आई केयर मिशन एवं जनरल हेल्थ कैंप–2026” का सफल आयोजन किया गया। इस 10 दिवसीय अभियान के माध्यम से पाडर घाटी के 125 सीमांत एवं वंचित गाँवों के हजारों ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं।
अभियान के प्रथम चरण में गांधारी वैली के टुन, आलिया, खजरोनी, बटवास, सोहल, चाग्ग, मुथल एवं छिटू सहित अनेक गाँवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने गाँव-गाँव पहुँचकर स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र जाँच, परामर्श, डायग्नोस्टिक सेवाएँ, दवाइयों का वितरण तथा मोतियाबिंद की शल्य चिकित्सा जैसी महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान कीं।
द हंस फाउंडेशन के प्रेरणास्रोत माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी के आशीर्वाद से संचालित इस अभियान के अंतर्गत 1,528 लोगों की विस्तृत नेत्र जाँच की गई, 106 मोतियाबिंद रोगियों की पहचान हुई तथा 78 मरीजों की सफल मोतियाबिंद सर्जरी की गई। इसके अलावा 726 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए, 2,082 लोगों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श दिया गया, 1,045 पैथोलॉजिकल एवं डायग्नोस्टिक परीक्षण तथा 66 ईसीजी परीक्षण किए गए। सभी जरूरतमंद मरीजों को आवश्यक दवाइयाँ भी निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।

दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं से लंबे समय से वंचित पाडर घाटी में यह अभियान गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। यह प्रयास इस संकल्प का सशक्त उदाहरण है कि किसी भी नागरिक का बेहतर स्वास्थ्य केवल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए।
अभियान के सफल समापन पर स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने द हंस फाउंडेशन, चिकित्सकों और सेवा में जुटे सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस जनसेवा अभियान की सराहना की।