बड़ी खबर: घनसाली में उपजिला चिकित्सालय के लिए बढ़ी हलचल, CMO टिहरी ने महानिदेशक को लिखा पत्र।

उत्तराखंड घनसाली टिहरी गढ़वाल ब्रेकिंग न्यूज

बड़ी खबर: घनसाली में उपजिला चिकित्सालय के लिए बढ़ी हलचल, CMO टिहरी ने महानिदेशक को लिखा पत्र।

नई टिहरी / घनसाली:- ​विधानसभा क्षेत्र घनसाली में लंबे समय से लंबित उपजिला चिकित्सालय (SDH) की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बढ़ते जन-आक्रोश और आंदोलन की चेतावनी के बीच, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) टिहरी डॉ. श्याम विजय ने स्वास्थ्य महानिदेशक को एक पत्र लिखकर तत्काल शासनादेश (GO) निर्गत करने का आग्रह किया है।

​सीएमओ टिहरी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि घनसाली के पिलखी या बेलेश्वर में उपजिला चिकित्सालय की स्थापना न केवल जनहित में है, बल्कि यह समय की नितांत आवश्यकता भी है। विभाग की ओर से इस संबंध में “औचित्यपूर्ण आख्या” (Justification Report) पहले ही शासन को भेजी जा चुकी है।

​बता दें कि ‘घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा’ इस मांग को लेकर लंबे समय से मुखर है। मोर्चा ने प्रशासन को 28 फरवरी 2026 तक की समय सीमा दी है। हाल ही में 5 फरवरी को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मोर्चा के सदस्यों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि निर्धारित तिथि तक शासनादेश जारी नहीं हुआ, तो क्षेत्र में अति उग्र आंदोलन किया जाएगा।

वहीं टिहरी सीएमओ ने पत्र में लिखा है कि घनसाली में अस्पताल खोलना जन भावनाओं के अनुकूल और नितांत उचित है। यदि आंदोलन उग्र होता है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग और सरकार की होगी। अनावश्यक धरना-प्रदर्शन से बचने के लिए समय सीमा से पूर्व निर्णायक कार्रवाई की जाए।

​घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा का कहना है कि घनसाली में वर्तमान समय पर स्वास्थ्य सेवाएं आबादी के दबाव के हिसाब से अपर्याप्त हैं। उपजिला चिकित्सालय बनने से हजारों ग्रामीणों को इलाज के लिए ऋषिकेश या देहरादून की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

वहीं ​CMO के इस पत्र ने अब गेंद शासन और स्वास्थ्य महानिदेशालय के पाले में डाल दी है। क्या सरकार 28 फरवरी से पहले शासनादेश जारी कर जनता के गुस्से को शांत कर पाएगी या फिर घनसाली की सड़कों पर एक बार फिर ‘स्वास्थ्य के हक’ की गर्जना सुनाई देगी? यह आने वाले दो हफ्ते तय करेंगे।