राशन कार्ड बनवाने के आय मानकों की होगी समीक्षा, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने समिति गठन के दिए निर्देश।

उत्तराखंड खाद्यान्न विभाग देहरादून ब्रेकिंग न्यूज

राशन विक्रेताओं का बकाया लाभांश एक सप्ताह में होगा जारी; केंद्र से मिला 39 करोड़ का बजट।

30 जून तक राशन वितरण प्रणाली होगी पूर्णतः ऑनलाइन, मैन्युअल रजिस्टर व्यवस्था होगी समाप्त।

मृत्यु के बाद भी कार्ड से राशन उठाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई और रिकवरी।

चारधाम यात्रा के दृष्टिगत आगामी 3 माह का राशन एडवांस भेजने के निर्देश।

देहरादून, 17 जून। प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड धारकों के लिए अधिकतम आय सीमा के मानकों में जल्द ही बड़ा संशोधन किया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को विधानसभा स्थित कक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।

​बैठक में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विभिन्न श्रेणियों के राशन कार्ड बनाने के लिए वर्तमान में लागू न्यूनतम आय के मानक काफी पुराने हो चुके हैं, जिससे आम जनता को कार्ड बनवाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस व्यवस्था को व्यावहारिक बनाने के लिए समिति सभी जिला पूर्ति अधिकारियों (DSOs) से सुझाव लेकर जल्द रिपोर्ट सौंपे।

राशन विक्रेताओं को लाभांश और सामाजिक सुरक्षा

​कैबिनेट मंत्री ने राशन विक्रेताओं को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि नवंबर माह से बकाया लाभांश (कमीशन) एक सप्ताह के भीतर जारी कर दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से ₹39 करोड़ का बजट प्राप्त हो चुका है। लाभांश को ₹50 से बढ़ाकर ₹180 करने की विक्रेताओं की मांग पर मंत्री ने कहा कि इसका प्रस्ताव शीघ्र ही कैबिनेट के सम्मुख लाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राशन विक्रेताओं को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा देने के लिए खाद्य आयुक्त के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की गई है, जो विभिन्न बीमा कंपनियों से वार्ता कर विक्रेताओं के ‘इंश्योरेंस’ पर आगामी बैठक में अंतिम निर्णय लेगी।

व्यवस्थाओं का डिजिटलाइजेशन और ट्रेनिंग

​पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को 30 जून तक राशन वितरण प्रणाली को शत-प्रतिशत ऑनलाइन करने और मैन्युअल रजिस्टर मेंटेन करने की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड बनाने के लिए अब एक नए और आधुनिक सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है। विभागीय कर्मचारियों को इसमें आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए केंद्र से आए दो विशेष प्रशिक्षकों द्वारा सभी जिला पूर्ति अधिकारियों और निरीक्षकों को जल्द ही ट्रेनिंग दी जाएगी।

​आपूर्ति व्यवस्था और चारधाम यात्रा की तैयारियां

​चारधाम यात्रा के सफल संचालन और प्रदेश में खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आगामी तीन माह का राशन एडवांस में दुकानों तक पहुंचा दिया जाए। एलपीजी गैस आपूर्ति की समीक्षा के दौरान मंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में घरेलू और व्यावसायिक दोनों सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह नियमित है और कहीं भी गैस की किल्लत नहीं है।

अपात्रों पर नकेल: मृत्यु के बाद राशन लिया तो होगी जेल

​खाद्य मंत्री ने साफ किया कि सरकार केवल पात्र व्यक्तियों को ही राशन का लाभ देना सुनिश्चित कर रही है। ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु के बाद भी उनके नाम पर राशन उठाया जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए शासनादेश (GO) में बदलाव किया जा रहा है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर मृतक का नाम राशन कार्ड से नहीं कटवाया गया, तो संबंधित परिवार से राशन की रिकवरी की जाएगी और सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव, खाद्य आयुक्त बंसीलाल राणा, अपर आयुक्त पी.एस. जंगपांगी, राशन विक्रेता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी समेत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारी उपस्थित रहे।