देहरादून:- देहरादून सचिवालय में चल रही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है. बुधवार 11 फरवरी को हुई कैबिनेट बैठक में 6 बड़े फैसले लिए गए. इनमें से 2 श्रम विभाग के, 2 गृह विभाग के तो वहीं वन विभाग और कृषि विभाग से एक एक निर्णय बैठक में लिए गए.
बैठक के बाद सचिव श्रम विभाग श्रीधर बाबू अद्दांकी और गृह सचिव शैलेश बगोली ने कैबिनेट मीटिंग को लेकर ब्रीफिंग करते हुए बताया कि, बैठक में पहला मुद्दा पेमेंट ऑफ बोनस उत्तराखंड संशोधित एक्ट 2020 को वापस लिए जाने की प्रक्रिया को पूरा कर दिया गया है. श्रम सचिव ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान उद्योगों को राहत दिए जाने के लिए पेमेंट ऑफ बोनस (उत्तराखंड संशोधन) विधेयक, 2020 के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया था कि एंप्लॉयर के पास आवंटनीय अधिशेष यानी Allocable Surplus उपलब्ध होने की स्थिति में ही कर्मचारियों को न्यूनतम बोनस का भुगतान किया जाएगा।
इस विधेयक में किए गए प्रावधानों के संबंध में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने असहमति व्यक्त की. इसके साथ ही वर्तमान में कोविड-19 महामारी जैसी परिस्थितियां न होने और केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित विधेयक को राष्ट्रपति की अनुमति के बिना विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग उत्तराखंड को उपलब्ध कराए जाने के कारण विधेयक को आगे बढ़ाया जाना संभव नहीं हो पाया. इस सभी तथ्यों के दृष्टिगत बोनस संदाय (उत्तराखंड संशोधन) विधेयक, 2020 को यथास्थिति विधानसभा से वापस लिए जाने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है.
धामी कैबिनेट में लिए गए सभी 6 फैसले:
1. श्रम विभाग द्वारा कोविड के समय बोनस कटौती को लेकर केंद्र को भेजा गया पेमेंट ऑफ बोनस संशोधन एक्ट को आज वापस लेने का फैसला लिया गया है.
2. श्रम विभाग के तहत ESI डॉक्टर की भर्ती के लिए लेबर मेडिकल सर्विस नियमावली 2006 को संशोधित कर के पद भरे जाएंगे और प्रमोशन भी दिए जाएंगे. आज कैबिनेट में टोटल 94 पदों पर नियुक्ति पर मंजूरी दी गई.
3. गृह विभाग के अंतर्गत 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में पदों के सृजन की स्वीकृति. कैबिनेट ने आज एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए आज कैबिनेट ने राज्य स्तर पर 22 पदों की स्वीकृति दी.
4. कारागार एक्ट में हैब्युच्वल ऑफेंडर यानी जो बार-बार अपराध करते हैं, उसकी परिभाषा को लेकर किया गया संशोधन, केंद्र की परिभाषा को किया गया एडॉप्ट।
5. वन विभाग में कार्यरत कुल 893 दैनिक श्रमिक में 304 को पहले से ही न्यूनतम वेतन मान दिया जा रहा था. आज शेष 589 दैनिक श्रमिकों को भी न्यूनतम वेतनमान यानी 18 हजार रुपए देने की मंजूरी दी गई।
6. कृषि विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद उन्नयन योजना जो कि 2025-26 तक लागू है. इसके साथ ही आज कैबिनेट में फैसला लिया गया है कि प्रदेश में चल रही मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद उन्नयन योजना भी जारी रहेगी।
कारागार एक्ट में संशोधन: मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) अधिनियम, 2026 के ड्राफ्टिंग के संबंध में भी निर्णय लिया है. सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों में यह निर्देशित किया गया है कि कारागार नियमावलियों/मॉडल प्रिजन मैनुअल में इस्तेमाल किया जाने वाले ‘आदतन अपराधी (Habitual offenders)’ शब्द की परिभाषा संबंधित राज्य विधानमंडलों द्वारा अधिनियमित कानूनों के अनुरूप होनी चाहिए. संशोधन विधेयक को आगामी सत्र में उत्तराखंड विधानसभा के समक्ष पुन: स्थापित किए जाने को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
ड्रग फ्री मुहिम: राज्य मंत्रिमंडल बैठक में फैसला लिया गया है कि 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए से अलग से ढांचा खड़ा किया जाएगा. अबतक एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में पुलिस फोर्स से प्रतिनियुक्ति पर कार्मिक लिए जा रहे थे. इसी कड़ी में राज्य मुख्यालय में पहली बार 22 पदों का सृजन किया गया है. एक पुलिस उपाधीक्षक, दो ड्रग निरीक्षक, एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, चार मुख्य आरक्षी और आठ आरक्षी, दो आरक्षी चालक समेत कुल 22 पद सृजित किए जाएंगे.
दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान: एक बड़ा फैसला लेते हुए वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान दिए जाने का निर्णय लिया है. इस संबंध में मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने सरकार को संस्तुति दी थी. इस आधार पर सरकार ने 589 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन देने का निर्णय लिया है. वन विभाग/वन विकास निगम में कार्यरत दैनिक श्रमिकों की कुल संख्या 893 है, जिसमें से 304 श्रमिकों को पूर्व से ही न्यूनतम वेतनमान का लाभ प्राप्त हो रहा है।
