◆ क्या दर्शन लाल आर्य की सक्रियता से घनसाली में ‘मिशन 2027’ की हलचल होगी तेज, क्या बदलेगा इतिहास….?
घनसाली/देहरादून:- उत्तराखंड की राजनीति, विशेषकर घनसाली विधानसभा क्षेत्र में हलचल पैदा करने वाली है। घनसाली की राजनीति में ‘पहाड़’ जैसा उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं। घनसाली विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी और चर्चित उद्योगपति दर्शन लाल आर्य ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और टिहरी जिला अध्यक्ष उदय रावत से औपचारिक मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद से ही क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि क्या 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा घनसाली से नए चेहरे पर दांव खेलने वाली है।
पूर्व प्रत्याशी और उद्योगपति दर्शन लाल आर्य ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और टिहरी जिला अध्यक्ष उदय रावत से मुलाकात कर शिष्टाचार भेंट की। आर्य की यह मुलाकात शिष्टाचार से कहीं अधिक एक राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
बता दें कि घनसाली विधानसभा के ढुङ्ग ग्यारहगांव के निवासी दर्शन लाल आर्य ने कोरोना काल के दौरान घनसाली की जनता की जिस तरह से मदद की, वह आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। राशन, चिकित्सा सहायता और घर-घर तक मदद पहुँचाने के उनके सेवा कार्यों ने उन्हें जनता के बीच एक जनप्रिय नेता के रूप में स्थापित किया है।
बता दें कि 2022 के विधानसभा चुनाव में दर्शन लाल आर्य ने घनसाली से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई थी। अब भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी बढ़ती नजदीकियों ने मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को हिलाकर रख दिया है।
दर्शन लाल आर्य केवल एक उद्योगपति ही नहीं, बल्कि 2022 के चुनावों में एक मजबूत निर्दलीय उम्मीदवार भी रहे हैं। उनका अपना एक ठोस जनाधार है। जानकारों का मानना है कि यदि दर्शन लाल भाजपा के पाले में पूरी मजबूती से खड़े होते हैं, तो घनसाली में भाजपा को एक नया और आर्थिक रूप से सशक्त विकल्प मिल सकता है।
इस घटनाक्रम के बाद घनसाली के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि दर्शन लाल आर्य 2027 के चुनाव के लिए अपनी जमीन पूरी तरह तैयार कर रहे है।
