बजट 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ‘ऐतिहासिक’ 9वां बजट; मिडिल क्लास और युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
नई दिल्ली | 1 फरवरी, 2026 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना रिकॉर्ड 9वां केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट को ‘विकसित भारत’ की ओर एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। सरकार ने इस बार अपनी रणनीति में राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Discipline) और जन-आकांक्षाओं के बीच एक सटीक संतुलन बिठाया है। ₹54.1 लाख करोड़ के कुल खर्च वाले इस बजट में मध्यम वर्ग को सीधे तौर पर टैक्स में बड़ी राहत दी गई है, जबकि देश के बुनियादी ढांचे के लिए अब तक का सबसे बड़ा निवेश घोषित किया गया है।
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “भारत की विकास यात्रा अब ‘सुधार एक्सप्रेस’ से ‘विकास की सुपर-फास्ट ट्रेन’ में बदल चुकी है और हमारा लक्ष्य 2047 तक भारत को एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाना है।”
1. इनकम टैक्स: मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी जीत
इस बजट की सबसे अच्छी खबर सैलरीड क्लास और मध्यम वर्ग के लिए आई है। सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) को और अधिक सरल और लाभप्रद बना दिया है।
₹12.75 लाख तक कोई टैक्स नहीं: अब ₹12.75 लाख तक की सालाना आय पर आपको एक भी रुपया टैक्स नहीं देना होगा। इसमें ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन और टैक्स छूट (Rebate) शामिल है।
नए टैक्स स्लैब: अब ₹4 लाख तक की आय पर ज़ीरो टैक्स लगेगा। ₹4 से ₹8 लाख पर 5%, ₹8 से ₹12 लाख पर 10%, ₹12 से ₹16 लाख पर 15%, ₹16 से ₹20 लाख पर 20%, ₹20 से ₹24 लाख पर 25% और ₹24 लाख से ऊपर की आय पर 30% टैक्स लगेगा।
नया आयकर अधिनियम: 1 अप्रैल 2026 से एक पूरी तरह नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा, जो जटिलताओं को खत्म कर देगा।
2. इंफ्रास्ट्रक्चर: ₹12.2 लाख करोड़ का भारी निवेश
सरकार ने बुनियादी ढांचे (Capex) पर खर्च को पिछले साल के मुकाबले 9% बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है।
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: देश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड ट्रेन रूट शुरू किए जाएंगे।
20 नए जलमार्ग: लॉजिस्टिक लागत कम करने के लिए 20 नई नेशनल वाटरवेज परियोजनाओं पर काम होगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड: निजी क्षेत्र के निवेश को सुरक्षा देने के लिए एक विशेष फंड बनाया गया है।
3. युवाओं और रोजगार के लिए ‘मिशन 2047’
सर्विस सेक्टर जॉब्स: एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है जो 2047 तक वैश्विक सेवा क्षेत्र में भारत की हिस्सेदारी को 10% तक ले जाने और करोड़ों नौकरियां पैदा करने का रोडमैप तैयार करेगी।
G RAM G योजना: ग्रामीण भारत में रोजगार बढ़ाने के लिए ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के तहत 1 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे साल में 125 दिन का काम सुनिश्चित होगा।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: भारत को इलेक्ट्रॉनिक हब बनाने के लिए मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत हुई है।
4. डिजिटल इंडिया: क्लाउड सेवाएं हुईं टैक्स-फ्री
भारत को डेटा की दुनिया का सिरमौर बनाने के लिए वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि क्लाउड सेवाएं 2047 तक टैक्स-फ्री रहेंगी। यह स्टार्टअप्स और आईटी कंपनियों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। साथ ही, एआई (AI) और मशीन लर्निंग के लिए देश भर में ‘हाई-टेक टूल रूम्स’ बनाए जाएंगे।
5. स्वास्थ्य और शिक्षा: सस्ती दवाएं और आधुनिक स्कूल
कैंसर की दवाएं सस्ती: कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटा दी गई है।
3 नए आयुर्वेदिक AIIMS: स्वास्थ्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 3 नए आयुर्वेदिक एम्स संस्थान और 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे।
कंटेंट लैब: देश के 15,000 माध्यमिक स्कूलों में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ‘कंटेंट लैब’ और डिजिटल लर्निंग सेंटर स्थापित होंगे।
6. बाजार और निवेश: सट्टेबाजी पर लगाम
शेयर बाजार के निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। सट्टेबाजी (Speculation) को कम करने और सुरक्षित निवेश को बढ़ावा देने के लिए F&O (Futures & Options) पर लगने वाले टैक्स (STT) को बढ़ा दिया गया है। फ्यूचर्स पर इसे बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% किया गया है।
निष्कर्ष: बजट 2026-27 पूरी तरह से “आत्मनिर्भर और आधुनिक भारत” की तस्वीर पेश करता है। जहाँ एक तरफ मिडिल क्लास के हाथ में ज्यादा पैसा छोड़ने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी तरफ भविष्य की टेक्नोलॉजी और बुनियादी ढांचे पर निवेश करके विकास की गति को बनाए रखा गया है।
बजट 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ‘ऐतिहासिक’ 9वां बजट; मिडिल क्लास और युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
नई दिल्ली | 1 फरवरी, 2026 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना रिकॉर्ड 9वां केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट को ‘विकसित भारत’ की ओर एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। सरकार ने इस बार अपनी रणनीति में राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Discipline) और जन-आकांक्षाओं के बीच एक सटीक संतुलन बिठाया है। ₹54.1 लाख करोड़ के कुल खर्च वाले इस बजट में मध्यम वर्ग को सीधे तौर पर टैक्स में बड़ी राहत दी गई है, जबकि देश के बुनियादी ढांचे के लिए अब तक का सबसे बड़ा निवेश घोषित किया गया है।
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “भारत की विकास यात्रा अब ‘सुधार एक्सप्रेस’ से ‘विकास की सुपर-फास्ट ट्रेन’ में बदल चुकी है और हमारा लक्ष्य 2047 तक भारत को एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाना है।”
1. इनकम टैक्स: मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी जीत
इस बजट की सबसे अच्छी खबर सैलरीड क्लास और मध्यम वर्ग के लिए आई है। सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) को और अधिक सरल और लाभप्रद बना दिया है।
₹12.75 लाख तक कोई टैक्स नहीं: अब ₹12.75 लाख तक की सालाना आय पर आपको एक भी रुपया टैक्स नहीं देना होगा। इसमें ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन और टैक्स छूट (Rebate) शामिल है।
नए टैक्स स्लैब: अब ₹4 लाख तक की आय पर ज़ीरो टैक्स लगेगा। ₹4 से ₹8 लाख पर 5%, ₹8 से ₹12 लाख पर 10%, ₹12 से ₹16 लाख पर 15%, ₹16 से ₹20 लाख पर 20%, ₹20 से ₹24 लाख पर 25% और ₹24 लाख से ऊपर की आय पर 30% टैक्स लगेगा।
नया आयकर अधिनियम: 1 अप्रैल 2026 से एक पूरी तरह नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा, जो जटिलताओं को खत्म कर देगा।
2. इंफ्रास्ट्रक्चर: ₹12.2 लाख करोड़ का भारी निवेश
सरकार ने बुनियादी ढांचे (Capex) पर खर्च को पिछले साल के मुकाबले 9% बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है।
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: देश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड ट्रेन रूट शुरू किए जाएंगे।
20 नए जलमार्ग: लॉजिस्टिक लागत कम करने के लिए 20 नई नेशनल वाटरवेज परियोजनाओं पर काम होगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड: निजी क्षेत्र के निवेश को सुरक्षा देने के लिए एक विशेष फंड बनाया गया है।
3. युवाओं और रोजगार के लिए ‘मिशन 2047’
सर्विस सेक्टर जॉब्स: एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है जो 2047 तक वैश्विक सेवा क्षेत्र में भारत की हिस्सेदारी को 10% तक ले जाने और करोड़ों नौकरियां पैदा करने का रोडमैप तैयार करेगी।
G RAM G योजना: ग्रामीण भारत में रोजगार बढ़ाने के लिए ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के तहत 1 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे साल में 125 दिन का काम सुनिश्चित होगा।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: भारत को इलेक्ट्रॉनिक हब बनाने के लिए मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत हुई है।
4. डिजिटल इंडिया: क्लाउड सेवाएं हुईं टैक्स-फ्री
भारत को डेटा की दुनिया का सिरमौर बनाने के लिए वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि क्लाउड सेवाएं 2047 तक टैक्स-फ्री रहेंगी। यह स्टार्टअप्स और आईटी कंपनियों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। साथ ही, एआई (AI) और मशीन लर्निंग के लिए देश भर में ‘हाई-टेक टूल रूम्स’ बनाए जाएंगे।
5. स्वास्थ्य और शिक्षा: सस्ती दवाएं और आधुनिक स्कूल
कैंसर की दवाएं सस्ती: कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटा दी गई है।
3 नए आयुर्वेदिक AIIMS: स्वास्थ्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 3 नए आयुर्वेदिक एम्स संस्थान और 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे।
कंटेंट लैब: देश के 15,000 माध्यमिक स्कूलों में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ‘कंटेंट लैब’ और डिजिटल लर्निंग सेंटर स्थापित होंगे।
6. बाजार और निवेश: सट्टेबाजी पर लगाम
शेयर बाजार के निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। सट्टेबाजी (Speculation) को कम करने और सुरक्षित निवेश को बढ़ावा देने के लिए F&O (Futures & Options) पर लगने वाले टैक्स (STT) को बढ़ा दिया गया है। फ्यूचर्स पर इसे बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% किया गया है।
निष्कर्ष: बजट 2026-27 पूरी तरह से “आत्मनिर्भर और आधुनिक भारत” की तस्वीर पेश करता है। जहाँ एक तरफ मिडिल क्लास के हाथ में ज्यादा पैसा छोड़ने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी तरफ भविष्य की टेक्नोलॉजी और बुनियादी ढांचे पर निवेश करके विकास की गति को बनाए रखा गया है।
