Exclusive:- जर्जर हालत में जीआईसी केमरा की पुरानी बिल्डिंग बड़े हादसे को दे रही निमंत्रण, विभाग नही ले रहा सुध।

उत्तराखंड टिहरी गढ़वाल ब्रेकिंग न्यूज शिक्षा

घनसाली:- जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखंड भिलंगना मुख्यालय से मात्र 5 किमी दूरी पर बालगंगा राजकीय इंटर कॉलेज केमरा के पुराने भवन की हालत जर्जर बनी हुई है जो कि एक बड़े हादसे को निमंत्रण दे रहा है।
भवन की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि भवन कभी भी गिर सकता है और बहुत बड़ी दुर्घटना ही सकती है।

निष्प्रयोज्य हेतु जीआईसी केमरा का पुराना भवन
निष्प्रयोज्य हेतु जीआईसी केमरा का पुराना भवन

विद्यालय के अभिभावक संघ के अध्यक्ष अनूप बिष्ट व शिक्षकों द्वारा कई बार भवन की स्थिति से शिक्षा विभाग को अवगत कराया लेकिन इसके बाद भी अब तक विभाग के अधिकारियों के कानों में जूं नहीं रेंग रही है जिसके चलते यहां बड़ा हादसा होने की आशंका हमेशा बनी रहती है।

जी हाँ आपको बता दें कि विकासखंड मुख्यालय से मात्र 5 किमी दूरी पर स्थित जीआईसी केमरा का वर्तमान में नये भवन का निर्माण हो चुका है जिसमे अब पठन पाठन का कार्य किया जा रहा है।
वहीं स्कूल की पुरानी लगभग 50 वर्ष पुरानी तीन मंजिला बिल्डिंग जीर्णशीर्ण हालात में खड़ी है जो कि एक बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
जिसके निष्प्रयोजन के लिए अभिभावक संघ के अध्यक्ष अनूप बिष्ट द्वारा कई बार विभाग को लिखित व मौखिक रूप में अवगत करवा चुके है लेकिन विभाग सुध नही ले रहा है और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।

निष्प्रयोज्य हेतु जीआईसी केमरा का पुराना भवन

आपको बता दें कि विगत 28 मई 2016 की आपदा के समय राजकीय इंटर कॉलेज केमरा की बिल्डिंग पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी जो कि बच्चों के पठन-पाठन हेतु खतरे से खाली नही थी जिसके पश्चात विभाग द्वारा नई बिल्डिंग का निर्माण करवाया गया तथा अब बच्चे नही बिल्डिंग में पढ़ रहे है।
लेकिन विभाग द्वारा पुरानी जीर्णशीर्ण बिल्डिंग को निष्प्रयोजन की सुध नही ली जा रही है।

अभिभावक संघ के अध्यक्ष अनूप बिष्ट ने बताया कि उनके द्वारा लगातार पत्राचार के माध्यम से विभाग के उच्च अधिकारियों से एवं जिलाधिकारी टिहरी को पुराने भवन को निष्प्रयोजन हेतु आग्रह किया गया था इसके बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा इसका मुआयना कर निष्प्रयोजन हेतु सही माना गया था लेकिन आज तक इसका समाधान नही निकल पाया है।

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उन्होंने कहा कि विद्यालय के नये भवन हेतु वर्ष 2016 से लगातार संघर्ष के बावजूद 2019 में 12 कमरों का भवन स्वीकृत हुआ जो कि अब बनकर तैयार भी हो गया है परंतु सरकार द्वारा पुरानी बिल्डिंग का डिस्मेंटल नहीं किया गया है जो कि आज तक अधर में है। जिससे आये दिन किसी बड़ी दुर्घटना होने की शंका बनी रहती है।

जीआईसी केमरा का नवनिर्मित भवन

उन्होंने कहा कि आए दिन जिस तरह से निष्प्रयोज्य हेतु पुराने विद्यालय भवन की दीवार गिरने से छात्रों की चोट लगने की समाचार विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होते है हादसे में बहुत से छात्र-छात्राओं की जान चली जाती है ऐसा ही मामला विगत दिवस राजधानी देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज का है जिसमें स्कूल की बाउंड्री वॉल गिरने से एक छात्रा की दर्दनाक मौत हो गई। इसी तरह की घटनाओं से बचने के लिए हमें भी पहले से ही सावधानी बतरतनी होगी।
पीटीए अध्यक्ष अनूप बिष्ट ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में लगभग 250 से ऊपर छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं और पुरानी बिल्डिंग की जीर्णशीर्ण स्थिति ऐसी है कि जो कभी भी गिर सकती है जिससे बहुत बड़ी जनहानि हो सकती है। विभाग के ढुलमुल रवैया से कुछ सकारात्मक कार्रवाई अभी तक नजर नही आ रही है।
उन्होंने कहा कि मैं अभिभावक संघ अध्यक्ष होने के नाते निवेदन करता हूं और चेतावनी भी देता हूं कि अगर शासन प्रशासन व विभाग द्वारा बिल्डिंग निष्प्रयोजन हेतु जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो हमें मजबूरन स्थानीय अभिभावकों के साथ उग्र आंदोलन करना पड़ेगा और इस बीच में अगर भगवान न करे बिल्डिंग गिरने से अगर कोई अनहोनी होती है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदार प्रशासन व विभाग की होगी।

वहीं खंड शिक्षा अधिकारी भिलंगना सुमेर सिंह कैंतुरा का कहना है कि उक्त विद्यालय से अभी तक भवन निष्प्रयोजन हेतु कोई इस प्रकार का प्रस्ताव खंड कार्यालय में प्राप्त नही हुआ है जैसे ही विद्यालय से इस प्रकार का प्रस्ताव प्राप्त होता है उस पर उचित कार्यवाही की जाएगी।